डेंगू बुखार के लक्षण और उपचार की जानकारी इन हिंदी

डेंगू बुखार के लक्षण और उपचार

क्या आप जानते है, पुरे देश मे डेंगू बुखार ( Dengue Bukhar ) का मामला सामने आ रहा है। शहर हो या गांव, बच्चे हो या बड़े कोई भी इसकी चपेट में आने से नहीं बच पा रहा रहा। डेंगू रोग इतना खतरनाक है, की समय रहते इसकी लक्षण की पहचान करके उपचार ना कराया गया तो रोगी की मृत्यु तक हो जाती है। आपकी जरा सी असावधानी इस रोग के चपेट में आने का कारन बन सकती है।

डेंगू बुखार के लक्षण और उपचार

हर साल हमारे देश में इस बुखार की जानकारी और इसके सही इलाज के आभाव में लाखो लोगो की मृत्यु हो जाती है। समय से पहचान कर इसका सही से इलाज किया जाये तो रोगी को आसानी से बचाया जा सकता है। यहाँ हम आपको डेंगू बुखार के बारे में पूरी जानकारी बता रहे है, जिसकी मदद से आप समय रहते इसके लक्षण पहचान कर के इस खरनाक बुखार से बच सकते है।

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डेंगू बुखार क्या है ?

डेंगू एक प्रकार का बुखार है तथा यह एडिस एजेप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है यह मच्छर दिन में काटते हैं यह एक संक्रामक रोग है यह हमारे लिए जानलेवा भी हो सकता है इसे हड्डी तोड़ बुखार कहते हैं। क्यों की इसके होने पर तेज सिर दर्द रहता है, मांसपेशियों तथा जोडों मे भयानक दर्दहोने लगता है। यह सामान्य बुखार से बहुत खतरनाक है। पूरा शरीर इसकी वजह से टूट सा जाता है, इस बुखार से किसी की जान भी जा सकती है।

छोटे बच्चों की स्किन बहुत नाजुक होती है और इसी कारण मच्छरों के काटने पर बच्चों में रोग बहुत तेजी से फैलता है चुकी यह रोग वायरस की वजह से फैलता है जिसकी वजह से बच्चे बहुत जल्दी बीमार होने लगते हैं डेंगू बुखार जितना खतरनाक बड़े लोगों के लिए है उससे कहीं ज्यादा खतरनाक बच्चों के लिए होता है|

डेंगू रोग एक महामारी के जैसा होता है तथा बच्चो के लिए यह बहुत खतरनाक होता है क्योंकि बच्चे इस को सहन नहीं कर पाते हैं। एडिस एजेप्टी मच्छरके काटने से बच्चे बहुत जल्दी बीमार होते हैं तथा उनका स्वास्थ्य धीरे-धीरे गिरने लगता है जब यह रोग धीरे-धीरे बच्चों में बढ़ने लगता है उनके शरीर में दर्द तथा जोड़ों में दर्द तथा सर में दर्द बहुत तेजी से होता है जो बच्चे सहन नहीं कर पाते हैं।

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लक्षण

अगर किसी को बुखार है उसके लक्षण से आसानी से पता कर सकते है की यह साधारण बुखार है या डेंगू बुखार है। पता लगने पर समाये रहते सही इलाज से रोगी की जान बचाई जा सकती है।

  • ठंड के साथ बुखार बहुत तेज हो जाता है जिसको सहन करना बहुत मुश्किल होता है।
  • ब्लड प्रेशर बहुत कम हो जाता है।
  • मांसपेशियों में और जोड़ों में बहुत तेज दर्द होता है।
  • शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।
  • खाना अच्छा नहीं लगता है तथा भूख बहुत कम लगती है।
  • खुद को बहुत कमजोर समझना या फिर महसूस करना।
  • शरीर पर लाल चकते भी बन जाते है जो पहले पैरों पे फिर छाती पर उसके बाद सारे शरीर पर फैल जाते है।
  • पेट खराब हो जाना, उसमें दर्द होना और दस्त लगना।
  • रोगी के रक्त मे प्लेटलेटस की संख्या कम होती जाती है।
  • ये फीवर चार से पांच दिनों के लिए होता है।

डेंगू बुखार कैसे होता है ?

  1. एडिस एजेप्टी नामक मच्छर के द्वारा डेंगू फैलता है यह मच्छर बरसात के मौसम से पनपते हैं या फिर हमारे घर के आस पास जो पानी कट्ठा रहता है उससे पनपते हैं। लोगों को पानी के खुले पात्रों को खाली रखना चाहिये जिससे मच्छर इनमें अंडा न दे सकें । मच्छरों को नियंत्रित करने के लिये कीटनाशकों का उपयोग किया जा सकता है।
  2. डेंगू संक्रमित रोग नहीं है, व्यक्ति के या उसके साथ रहने पर दूसरे व्यक्ति को नहीं होता है। यह केवल मच्छर काटने से ही फैलता है अगर कोई साधारण मच्छर किसी डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को काट ले और फिर वह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट ले तो वह स्वस्थ व्यक्ति भी शिकार हो जाएगा। मच्छरों के काटने से बचने के लिये लोग ऐसे कपड़े पहन सकते हैं जो पूरी तरह से उनकी त्वचा को ढ़ंक कर रखें।
  3. कमजोर व्यक्ति मे यह रोग बहुत तेजी से होता है क्योंकि इनमें प्रतिरोध की क्षमता भी बहुत कम होती है जिसकी वजह से इसके विषाणु सरीर में बहुत तेजी से फैलते है। और जिस व्यक्ति में प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक होती है उन्हें यह रोग बहुत कम मात्रा में या फिर नहीं होगा।
  4. यह बुखार भी मलेरिया की तरह एडिस एजेप्टी नामक मच्छर के काटने से होता है तथा यह मच्छर दिन में काटते हैं या फिर रात को ऊजाले में काटते है।
  5. घर के आस-पास कूड़ा होने से भी मच्छर पनपने लगते हैं तथापि मलेरिया जैसे बुखार होने का संकट रहता है।

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डेंगू बुखार से बचने के उपाय

  • मच्छर जल में पनपते हैं कि मच्छरों से बचने के लिए अपने आसपास के जल को सुखा देने तथा अपने आसपास के कूड़ा कचरा को हटा दें।
  • अपने घर के आसपास पानी इकट्ठा ना होने दें यदि पानी करता है तो उसे सुखा देना चाहिए या फिर उस पानी में कीटनाशक दवाइया डाल देनी चाहिए।
  • घर के कूलर के पानी को हर 7 दिन बाद बदले तथा कूलर को साफ रखें पानी को खुला ना छोड़ें स्वच्छ जल पिए तथा घर की छत पर स्थित जल को सुखा दें तथा छत को साफ करें।
  • जिस स्थान पर डेंगू फैल रहा है उस स्थान से जल को सुखा देना चाहिये तथा आसपास स्थित कूड़े को हटा दें तथा स्वच्छ जल का उपयोग करें।
  • गमले का पानी को सुखा दें तथा आपके बच्चे जिस स्कूल में पढ़ते है वहां पर बच्चों की सुरक्षा मे उचित कदम उठाने को कहें।

कैसा आहार लेना चाहिए ?

आयुर्वेद के जानकारों और डॉक्टरों के अनुसार डेंगू बुखार हो जाने के बाद कोई खास आहार लेने की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन जिस व्यक्ति का पाचन कमजोर है या फिर पाचन आसानी से नहीं होता है उन व्यक्तियों को कुछ इस प्रकार का आहार लेना चाहिए।

  • मुख से तरल देते रहना क्योंकि रोगी के शरीर में जल की कमी हो सकती है।
  • पीड़ित व्यक्ति को बाहर की चीजें नही खानी चाहिए जैसे मंचूरियन, चौमिन ,बर्गर आदि
  • रोगी को आसानी से पचने वाला आहार लेना चाहिये जैसे सूप , दलिया , खिचड़ी ,फल , उबली हुई सब्जियां आदि।
  • प्यास लगने या या उल्टी होने पर सूप, ताजे फल का जूस ,नारियल पानी का उपयोग करें।
  • तले हुए भोजन का उपयोग बिल्कुल भी ना करें तथा मसाले वाले भोजन का भी उपयोग ना करें।

रोगी को खाना चाहिए तथा उनके बारे में आप डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं।

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डेंगू बुखार होने के बाद क्या करें ?

  • सबसे पहले रोगी को किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाए। समय से इसका इलाज ही रोगी की जान बचता है।
  • अपने घर के आस-पास के जल को सुखा देना चाहिये।  ऐसा करने से पानी मे मच्छर पैदा नहीं होंगे।
  • घर के आसपास जल इकट्ठा ना होने दें तथा अपने घर के आस-पास इकट्ठे कूड़े कचरे को हटा दें|
  • रोगी को कभी भी तला हुआ तथा मसालेदार भोजन कभी भी नहीं देना चाहिए|
  • समय समय पर भोजन तथा प्यास लगने पर नारियल का पानी ,सूप , जूस आदि पिलाएं|
  • रोग ग्रसित व्यक्ति का झूठा किसी को न खिलाए और पिलाएं|
  • रोगी के सोते समय मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें

डेंगू बुखार के लिए सावधानियाँ, बचाव और रोकथाम के बारे में अधिक जानने के लिए अच्छे चिकत्सक से संपर्क करे.

By How To Kaise

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