जामुन खाने के फायदे और औषधीय गुण हिंदी मे

जामुन के फायदे और औषधीय गुण

क्या आप जानते है जामुन के फयदे ( Jamun Ke Fayede ) जो हमारे शरीर के लिए कितना लाभदायक है। जिस तरह रोज योग करने से शरीर स्वस्थ रहता रहता है। उसी तरह गर्मियों के दिनों मे रोज ब्लैकबेरी खाने से कई तरह के रोग दूर भागता है। जामुन गुणकारी होने के साथ स्वादिस्ट भी होता है। Jamun ke anek fayede होने के कारन शुगर कण्ट्रोल करने मे लाभ देता है। आइये जानते है, जामुन खाने के फायदे और जामुन के औषधीय गुण ( jamun ke aushadhi gun )।

जामुन के फायदे और औषधीय गुण

Jamun Ke Kya Fayde Hai ? ( What are the Benefit of Blackberry )

यह एक तरह की आयुर्वेदिक औषधि है। ये फल इतना गुणकारी है की इसके बीज, छाल और पत्ते तक का औषधीय उपयोग है। यह अम्लीय, कसैला होने के साथ स्वाद में मीठा होता है। इसके खाने से कई सारी बीमारियो का इलाज हो सकता है। इस बैंगनी रंग के छोटे से फल मे केंसर जैसी भयानक बीमारी को ठीक करने के गुण है।

Read:डेंगू बुखार के लक्षण और घरेलू  उपचार।

जामुन के औषधीय गुण और जामुन के फायदे – Jamun ke Fayde in Hindi

इसमें भरपूर ग्लूकोज और फ्रुक्टोज अधिक मात्र मे पाया जाता है। यह सबसे कम कैलोरी देने वाला फल है। यह काबोहाइट्ररेट, प्रोटीन , कैल्शियम और लोहा का स्रोत है। इसमें मौजूद विटामिन बी, कैरोटिन, मैग्नीशियम और फाइबर शरीर को स्वस्थ रखने मे फायदा पहुचाते है। चलिए अब जान लेते है ब्लैकबेरी के फायेदे  के बारे में।

1. जामुन के फायदे मधुमेह मे – Benefits of Blackberry in Diabetes

मधुमेह ( sugar ) रोगियों के लिए जामुन वरदान है। इसमें रक्त के अंदर मौजूद शक्करा की मात्रा को नियंत्रित गुण है।

  • सुगर रोगी को रोजन 100 ग्राम जामुन खाना चहिये।
  • आम और जामुन का रस बराबर मात्रा मे मिलाकर पिने से भी sugar control होता है।
  • इसके सूखे बिज़ को पीसकर बनाये गये पाउडर को खाने से मधुमेह रोगियों को आराम मिलता है।
  • सूखे छाल का पाउडर 6 -6 ग्राम सुबह शाम ताजे पानी के साथ 20 दिन खाने से शुगर की बीमारी ठीक हो जाती है।
  • सुबह चार पांच कोमल पत्तियां पीसकर पीने से शुगर लेवल सामान्य हो जाता है।
  • सुखी पत्तिया और बिज़ सहित फल को सुखाकर पाउडर बनाये।
  • इसके सेवन से मधुमेह से हुए मोतियाबिंद मे फायदा होता है।

2. पथरी मे जामुन के फायदे

किडनी के स्टोन के इलाज के लिए यह रामबाण औषधि है। इसके उपयोग से पथरी का उपचार होता है।

  • जामुन के बीज को सुखाकर बारीक़ पिस के पाउडर बनाये।
  • पाउडर को को दही मे मिलाकर रोज खाये।
  • कुछ ही दिनों मे आपकी पथरी टूट कार बहार निकल जायेगी।

Read:नाक की झिल्ली क्यों बढती है, जाने लक्षण, और उपचार।

3. जामुन के औषधीय गुण हैजा, उल्टी-दस्त मे

अक्सर बच्चो और बड़ो को हैजा या उल्टी दस्त की शिकायत हो जाती है। ऐसे मे अगर आपने इसके बीजो को सुखाकर रखा है, तो ये इस समस्या मे आयुर्वेदिक उपचार का काम करेंगे।

  • 500 ग्राम ताजे जामुनो का रस निकले और 1 किलोग्राम चीनी मिलाकर माध्यम आंच पर चाशनी जैसी गाड़ी सरबत बना लीजिये।
  • इस शर्बत को ठंडा कर के किसी कांच के बोतल मे रख ले।
  • हैजा और उल्टी-दस्त होने पर 2 चम्मच शरबत मे 1 चम्मच अमृतधारा मिलाकर पिलाये।
  • ऐसा करने से तुरंत उल्टी-दस्त या हैजे मे आराम मिलेगा।

ध्यान रखे :- ये नुस्खा सिर्फ बड़ो पर आजमाए। बच्चो के लिए डॉक्टरी शलाह लीजिये।

4. जामुन के फायदे और औषधीय गुण गठिया के उपचार मे

गठिया की बीमारी मे रोगी के जोड़ो मे दर्द, अकडन, सुजन और पीड़ा दायक गाठे बन जाती है। ये रोग उन लोगो को ज्यादा होने की संभावना रहती है, जिनके रोग-प्रतिरोग क्षमता आधिक कम हो जाती है। इसके इस्तेमाल से इस रोग के दर्द का उपचार करके ठीक करा जा सकता है।

  • छाल को सुखाकर बारीक़ पिस का पाउडर बना लीजिये।
  • पाउडर को सादे पानी मे मिलकर पेस्ट बना ले।
  • इस पेस्ट से जोड़ो के दर्द पर लेप कीजिये और सूखने तक लगा रहने दीजिये।
  • ऐसा करने से जोड़ो के दर्द मे आराम मिलेगा।

Read:वजन घटाने के सबसे आसान वैज्ञानिक तरीके।

5. जामुन का महत्व लीवर के लिए

लीवर शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि होती है। जिस व्यक्ति के यकृत मे समस्या हो उसको ब्लैकबेरी का सेवन करना चाहिए।

  • जामुन को बिज़ सहित 3 से 5 घंटे पानी मे डाल दीजिये।
  • उसके बाद मसल के बिज़ बहार निकाल दे।
  • गुड्डे सहित पानी को मिक्सी मे पिस कर कपड़े या छाननी से छान ले।
  • इस प्रकार बनायेरस मे सेंधा नमक मिलाकर सुबह शाम पिए।
  • लीवर और मूत्राशय की समस्या मे जल्दी राहत मिलती है।

6. रक्त की कमी और शारीरिक दुर्बलता दूर करने मे जामुन के औषधीय गुण

इसमें आयरन पाया जाता है। इसमें खून की कमी दूर करने का विशेष गुण होता है। यह रक्तशोधक और ब्लड प्युरीफायर का काम करता है। जो आपके रक्त को साफ करके बढाता है साथ ही शारीरिक कमजोरी को भी दूर करता है।

  • जामुन का रस, आंवले का रस और शहद बराबर मात्रा मे मिलाये।
  • 2 से 3 महीने तक प्रतिदिन प्रातःकाल सेवन करे।
  • इससे खून बढ़ेगा और शारीरिक दुर्बलता दूर होती है।

7. मसूड़ों के लिए जामुन के पत्ते और बिज़ के फायदे 

दांत और मसूड़ो के रोगों मे जामुन चमत्कारिक रूप से काम करता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए बिज़ और पत्तो का औषधीय उपयोग कर सकते है।

  • इसके बीज के पाउडर से मंजन करने से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं।
  • जामुन के पत्तो को उबाल कर कुल्ला करने से मसूड़ो की सुजन मे आराम मिलता है।
  • गुंठली पीस के नमक मिलाकर मसूडों पर लगाने से मसूड़ो मे खून आना बंद हो जाता है।
  • जिन लोगो के मुह से बदबू आती है उन्हें सुबह सुबह जामुन के ताज़ा पत्ते चबाना चाहिये।

8. मुहांसे के उपचार के लिए जामुन के फायदे

Pimples यानि मुहांसे ज्यादातर 14 से 30 वर्ष के युवा के अधिक होते है। ये दुखदाई होने के साथ सुन्दर चेहरे मे दाग लगा देते है। वैसे तो मुहांसे ठीक करने के उपाये बहुत बहुत है। पर जामुन से विटामिन ए और सी होने के कारण इस समस्या का रामबाण इलाज है।

  • मुहांसे मिटाने के लिए रोज कम से कम 200 ग्राम जामुन क सेवन करे।
  • गुठली से बने पाउडर को दूध मे मिलाकर रोजाना रात को त्वचा हलके हाथ से मालिश करे।
  • एक दो ताज़ी कोमल पत्तिया रोज चबाये खून साफ होगा। ज्यादातर मुहांसे फोड़े फुंसी खून मे खराबी की वजह से निकलते है।

Read:आंखों की रोशनी प्राकृतिक रूप से ऐसे बढ़ाये।

9. आवाज साफ करने मे जामुन के लाभ

क्या आपकी आवाज बेसुरी, मोटी या भारी है। आप अपनी आवाज को सुरीली बनाने के लिए इसे इस्तेमाल करे। जामुन को सुखा कर बनाया गया चूर्ण रोज चाटने से आवाज साफ और सूरीली होती है।

10. जामुन के गुण केंसर से बचाए

केंसर एक घातक और जानलेवा बीमारी होती है। इस बीमारी के शुरुवाती लक्षण जामुन के सेवन से काफी हद तक कम करा जा सकता है.

  • जामुन के पत्तियो मे केंसर से लड़ने की गुण होते है।
  • आप रोज सुबह शाम ताज़ी कोमल पत्तिया चबाये।
  • ऐसा करना आपको फेफड़ो के केंसर से बचाएगा।

11. मुंह के छाले का उपचार मे जामुन के औषधीय लाभ

पेट मे गर्मी, उल्टा सीधा खा लेने या बिना हाथ धोये होटो को छूने से मुह के छाले हो जाते है। ये आपको होटो के नीचे और गालो मे अन्दर की तरफ तरल भरे छोटे गोलाई के रूप मे दिखाई देंगे। फूटने पर यह अत्यंत पीड़ादायक बन जाते है। जामुन की पत्तिया मुह के छाले मे आयुर्वेदिक दवाई है।

  • 30 से 40 जामुन की ताज़ा कोमल पत्तिया पीसकर रस निकाले।
  • रस को 1 गिलास पानी मे मिलाकर कुल्ले और गरारे करें।
  • मुँह के चालो मे आराम मिलेगा और ये जल्दी ठीक हो जायेंगे।

12. पीलिया की बीमारी मे जामुन खाने के फायदे

छोटे बच्चो से लेकर 80 वर्ष तक के व्यक्ति को पीलिया हो सकता है। इस बीमारी मे रोगी के खून मे लाल कण नष्ट होने लगते है। आँखे और त्वचा मे पीलापन आ जाता है। समय पर पीलिया का उपचार ना होने से रोगी की मृत्यु होने की संभावना अधिक रहती है।

  • पिलिया की बीमारी में भी जामुन रस का सेवन बहुत लाभकारी है।
  • रस मे शहद मिलाकर रोज सेवन करे।
  • पीलिया रोगी को बहुत जल्दी राहत मिलती है।

13 संग्रहणी रोग मे जामुन आयुर्वेदिक औषधि है।

यह एक घातक बीमारी है रोगी व्यक्ति को पखाना बहुत आता है। इसमें भोजन का पाचन ठीक से नहीं हो पाता। पचे हुए भोजन के पोषक तत्व का अवशोषण ठीक से नहीं होता। इलाज इलाज समय पर ना होने की दशा मे मृत्यु हो सकती है।

  • जामुन इस बीमारी में काफी लाभकारी होता है।
  • 250 ग्राम पानी में 25 ग्राम जामुन की छाल मिलाकर काढ़ा बनाये।
  • जब 50 ग्राम पानी शेष रह जाए तो छानकर पिलाये।
  • ऐसा दिन मे दो बार करने से बीमारी मे आराम मिलता है और पाचन शक्ति अच्छी होती है।

14. जामुन के फायदे बालो की सफेदी रोकने मे

बढती उम्र के साथ बालो का सफ़ेद होना आम बात है। कम उम्र मे आपके बाल सफ़ेद होने लगे या लम्बी उम्र तक बाल काले रखना चाहते है जामुन का इस्तेमाल आज से शुरू कर दीजिये। इसके रस के नियमित सेवन से बाल काले बने रहते हैं।

Read:कोहनियों का कालापन इन तरीको से दूर करे।

15. सुन्दरता बढाने मे जामुन के गुण

इस फल मे सुन्दरता को बढाने के गुण होते है। ये खून साफ करके वृद्धि करता है जिसके फल स्वरुप चेहरे पर निखार आता है।

  • जामुन का सिरका सौंदयवर्धक होता है।
  • इसके नियमित सेवन से सौन्दर्य बढेगा।
  • एक गिलास पानी में दो चम्मच सिरका मिलाकर रोजना पिए।

16. अन्य उपचार मे जामुन के फायदे और औषधीय गुण

  • पत्तो को पीसकर लेप करने से आग से जलने पर हुए सफ़ेद दाग पर लगाने से वो ठीक हो जाते है।
  • पानी मे एक चम्मच सिरका और कला नमक मिलाकर पिने से पेट दर्द ठीक हो जाता है।
  • गर्मियो मे जामुन का शर्बत पिने से ठंडाई रहती है और थकन भी नहीं होती।
  • इसके खाने से बार बार प्यास नहीं लगती।
  • छाल से बने काढ़े से घाव धोना चाहिये इससे घाव जल्दी भर जाते है।
  • गुठलियों छाये मे सुखाकर बनाये चूर्ण को दिन मे 2 बार 2 2 ग्राम बच्चो को देने से बिस्तर पर पेशाब करना बंद कार देते है।
  • इसके गुठली के पाउडर को 1/2 चम्मच सुबह शाम लेने से गले की सुजन समाप्त हो जाती है।
  • पत्तो का रस बिच्छु काटे स्थान पर लगाये रहत मिलेगा।
  • गुठली पाउडर को रोज रात्रि गर्म दूध के साथ लेने से नपुसंकता दूर होगी।
  • छाल के पाउडर नारियल तेल मे मिलाकर जले पर लगाये तुरंत आराम मिलेगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *